जिस प्यार के लिए उधर बेचैन तु है
कुछ तड़प मैं इधर रहा हूँ
यकीन है मुझे तेरे लफ़्ज़ों में उसका इज़हार हो जाएगा
अपने धड़कन के आहटों को
यूँ मेरे सीने से लगा के तो देख
सच कहता हु फिर से प्यार हूँ जाएगा .......
मैं जो कहता था न
उस चाँद की खुबसूरती भी तुझसे है
उस चाँद के ही खातिर
अपनी जुल्फों को एक बार फिर लहरा के तो देख
सच कहता हूँ फिर से प्यार हो जाएगा........
गुलाबों की चाहत में
काँटों का दर्द भी सह लिया था मैंने
इजहार तो तब भी किया था और अब भी करता हूँ
अपने आसूओं को पीने के बाद
जो बचाई मैंने मुस्कान है उसके साथ मुस्कुरा के तो देख
सच कहता हूँ फिर से प्यार हो जाएगा.......
तेरी आदतों को जो अपनी आदत बनायीं मैंने
वह चाह कर अब भी ना छूट पायी
मेरी चाहतों को फिर से अपना कर तो देख
तेरी-मेरी यादे जो थी
उसे फिर दिल से लगा के तो देख
यकीन है मुझे
तेरे लफ्जो में फिर उस प्यार का इजहार हो जाएगा
अपने धड़कन की आहटों को
यूँ मेरे सीने से लगा के तो देख
सच कहता हों फिर से प्यार हो जाएगा .........
-ममता गुप्ता
कुछ तड़प मैं इधर रहा हूँ
यकीन है मुझे तेरे लफ़्ज़ों में उसका इज़हार हो जाएगा
अपने धड़कन के आहटों को
यूँ मेरे सीने से लगा के तो देख
सच कहता हु फिर से प्यार हूँ जाएगा .......
मैं जो कहता था न
उस चाँद की खुबसूरती भी तुझसे है
उस चाँद के ही खातिर
अपनी जुल्फों को एक बार फिर लहरा के तो देख
सच कहता हूँ फिर से प्यार हो जाएगा........
गुलाबों की चाहत में
काँटों का दर्द भी सह लिया था मैंने
इजहार तो तब भी किया था और अब भी करता हूँ
अपने आसूओं को पीने के बाद
जो बचाई मैंने मुस्कान है उसके साथ मुस्कुरा के तो देख
सच कहता हूँ फिर से प्यार हो जाएगा.......
तेरी आदतों को जो अपनी आदत बनायीं मैंने
वह चाह कर अब भी ना छूट पायी
मेरी चाहतों को फिर से अपना कर तो देख
तेरी-मेरी यादे जो थी
उसे फिर दिल से लगा के तो देख
यकीन है मुझे
तेरे लफ्जो में फिर उस प्यार का इजहार हो जाएगा
अपने धड़कन की आहटों को
यूँ मेरे सीने से लगा के तो देख
सच कहता हों फिर से प्यार हो जाएगा .........
-ममता गुप्ता
Fir se pyar ho jayega!!!!
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